रक्षा लेखा महा नियंत्रक

र. ले. म. नि. की कलम से
रक्षा लेखा के बारे में

250 वर्ष पुराना रक्षा लेखा विभाग भारत सरकार के सबसे पुराने विभागों में से एक है । रक्षा लेखा महानियंत्रक द्वारा संचालित रक्षा लेखा विभाग वर्तमान में रक्षा लेखा सेवाओं तथा रक्षा से जुड़े अन्य संगठनों जैसे भारतीय तटरक्षक बलों, सीमा सड़क तथा कैन्टीन भंडार विभाग को वित्तीय सलाह प्रदान करने तथा उनके व्यय तथा प्राप्तियों के भुगतान, लेखांकन एवं आंतरिक लेखा परीक्षा के लिए उत्तरदायी है। रक्षा लेखा महानियंत्रक, 04 रक्षा लेखा अपर महानियंत्रकों, 19 प्रधान नियंत्रकों तथा सेना, नौसेना, वायुसेना, आयुद्ध निर्माणियों, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठनों, तटरक्षक बल एवं सीमा सड़क संगठन आदि से संबंधित कार्य देखने वाले क्षेत्रीय नियंत्रकों (सेना ), प्रयोजनमूलक नियंत्रकों /एकीकृत वित्तीय सलाहकारों का कार्य देखने वाले 70 रक्षा लेखा नियंत्रक स्तर के अधिकारियों की सहायता से विभाग का संचालन करते हैं । प्रयोजनमूलक नियंत्रक सीमा सड़क संगठन, पेंशन एवं पेंशन संवितरण तथा कैन्टीन भंडार विभाग आदि जैसे विशेष संगठनों को अपनी सेवा प्रदान करते हैं । अधिक>>

अद्यतन परिपत्रसभी परिपत्र देखें

लक्ष्य कथन

हम लेखाकंन एवं वित्तीय सेवाओं तथा लेखापरीक्षा कार्यकलापों में उत्कृष्टता एवं व्यवसायिकता प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर हैं ।

गुणवत्ता नीति

रक्षा लेखा विभाग उपभोक्ता की संतुष्टि के लिए दक्ष सही तथा तत्काल लेखाकंन भुगतान तथा वित्तीय सलाह प्रदान करने के लिए प्रतिबद्व है । यह लोक जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए दक्ष लेखापरीक्षा सेवा प्रदान करने के लिए भी प्रतिबद्व है ।

राजभाषा कोना पत्र सूचना सूचना का अधिकार नागरिक घोषणा-पत्र शिकायत साइबर सुरक्षा उपाय निविदा फीडबैक एवं सुझाव

इवेंट

Go to top of page